गुजरात और 'नोटा'-लेख
गुजरात और 'नोटा' गुजरात के जनादेश के कांग्रेस-बीजेपी जो भी मायने निकालते हों, निकालें। जिस भी दृष्टि से अपनी पीठ थपथपाना चाहते हों, थपथपालें! वे इसके लिए स्वतन्त्र हैं। पर इस जनादेश का एक पक्ष ऐसा भी है जिस पर इनका ध्यान नहीं जा रहा है! और जाये भी तो क्यों?? और वो है 'नोटा' (NOTA-None Of The Above) को मिले तकरीबन साढ़े पाँच लाख से अधिक वोट का । दरअसल NOTA विकल्प के अंतर्गत मतदाताओं को किसी भी उम्मीदवार को नापसन्द करने का अधिकार दिया गया है। इस विकल्प की व्यवस्था के लिए जनहित याचिकाओं के दबाव में सर्वप्रथम भारतीय निर्वाचन आयोग ने ही 2001 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने एक लम्बी कालावधि के बाद 27 सितम्बर 2013 को EVM (Electronic Voting Machine) में NOTA विकल्प को स्थापित करने के आदेश दिए थे। जिसका प्रयोग सर्वप्रथम 2014 के लोकसभा चुनाव में हुआ । अब लौटते हैं अपने मूल विषय पर। ...